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time:2021-10-21 06:30:19 विवि की प्रतिष्ठा से ज्यादा पाठ्यक्रमों को तरजीह दे रहे 52 प्रतिशत विद्यार्थी Views:4591

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नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर (भाषा) विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले कम से कम 52 प्रतिशत विद्यार्थी विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा के मुकाबले विशिष्ट पाठ्यक्रमों को तरजीह दे रहे हैं। एक नवीनतम अध्ययन में यह जानकारी दी गई है।

वैश्विक वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी वेस्टर्न यूनियन द्वारा नीलसन आईक्यू द्वारा कराए गए अध्ययन के नतीजों के मुताबिक अब 64 प्रतिशत विद्यार्थी उन देशों और विश्वविद्यालयों को पढ़ाई के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं जहां पर प्रवेश परीक्षा या अंग्रेजी में पांरगत होने की अनिवार्यता नहीं है।

अध्ययन में कहा गया, ‘‘विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों में आश्चर्य करने वाली परिपाटी देखने को मिल रही है, अब अधिकतर (52 प्रतिशत) विद्यार्थी चुनाव के लिए विशिष्ट पाठ्यक्रम को प्राथमिकता दे रहे हैं, बजाय के विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा को। विद्यार्थी उन पाठ्यक्रमों में प्रवेश चाहते हैं जो हटकर हैं लेकिन धीरे-धीरे महत्व प्राप्त कर रहे हैं और इसके लिए वे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के समूहों से परे देख रहे हैं जो इस तरह के पाठ्यक्रमों की पेशकश नहीं करते।’’

अध्ययन में कहा गया,‘‘ इसका संबंध बाधा से भी है, परीक्षा उत्तीर्ण करना विद्यार्थियों (64 प्रतिशत के लिए) की सबसे बड़ी बाधा है, जिससे वे उन देशों और विश्वविद्यालयों को चुन रहे हैं जहां पर प्रवेश परीक्षा नहीं होती और अंग्रेजी में पारंगत होना अनिवार्य नहीं है। धन संबंधी चिंता खासतौर पर वित्त और वित्तीय योजना अहम बाधा है जो विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों ने व्यक्त की और बताया कि पूरी प्रक्रिया को तय करने में यह अहम भूमिका निभाती है।’’

‘‘एजेुकेशन ओवरसीज- ऐन इवोलविंग जर्नी’ शीर्षक से किए गए अध्ययन में करीब आधे (45 प्रतिशत) विद्यार्थियों ने बताया कि उनकी प्राथमिकता ‘आत्म निर्भरता’ और ‘अपनी शर्तों पर जीने’’ का अवसर विदेश में पढ़ाई की प्रेरणा देते हैं।

अध्ययन के मुताबिक, ‘‘पूर्व की परिपाटी के विपरीत अब प्रत्येक पांच विद्यार्थी में से एक (22 प्रतिशत) अध्ययन के लिए आयरलैंड, तुर्की और स्पेन जैसे गैर पारंपरिक स्थानों को प्राथमिकता दे रहा है। पारंपरिक पाठ्यक्रमों के मुकबाले डाटा विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमता, डिजिटल विपणन, साइबर सुरक्षा, नैतिक हैकिंग और इकोटेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता प्राथमिकता बन रही है और करीब 52 प्रतिशत विद्यार्थी इन विषयों की विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक हैं।’’

अध्ययन के मुताबिक, ‘‘महामारी की वजह से शुरू हुई हाइब्रिड पढ़ाई (ऑनलाइन और ऑफलाइन) मुख्य धारा में आ गई है और अब 46 प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं। विद्यार्थी अब नौकरी और बेहतर शिक्षा के बजाय अन्य संस्कृतियों को जानने (43 प्रतिशत) के लिए यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।’’

गौरतलब है यह अध्ययन 807 लोगों के जवाब पर आधारित हैं जिनमें 12 शहरों के विद्यार्थी, उनके माता-पिता, दादा-दादी और करियर परामर्शदाता शामिल हैं। यह सर्वेक्षण जनवरी से जून महीने के बीच किया गया।

(This story has not been edited by economictimes.com and is auto–generated from a syndicated feed we subscribe to.)
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नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत को किसी पर हमले के लिये नहीं बल्कि स्वयं की रक्षा के लिये वैश्विक शक्ति बनने की जरूरत है। उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक विस्तारवादी शक्ति नहीं है और छोटे पड़ोसियों पर हमला करने का इरादा नहीं रखता है। गडकरी ने कहा, ‘‘हमें भारत को वैश्विक शक्ति बनाने की जरूरत है...हमें शक्तिशाली बनने की जरूरत है अैर यह किसी पर हमले के लिये नहीं है।’’ मंत्री ने कहा कि भारत रक्षान्यूयॉर्क, 20 अक्टूबर (एपी) बिटकॉइन का मूल्य बुधवार को रिकॉर्ड 66,000 डॉलर के पार पहुंच गया। इससे बाजार काफी रोमांचित है। ऐसा कहा जा रहा है कि वित्तीय प्रतिष्ठानों के बीच बिटकॉइन की स्वीकार्यता बढ़ रही है। बिटकॉइन का मूल्य पूर्वी समय के अनुसार, सुबह 10:52 बजे 7.6 प्रतिशत बढ़कर 66,901.30 डॉलर पर पहुंच गया। गर्मियों में यह 30,000 डॉलर के निचले स्तर पर आ गया था। कॉइनडेस्क के अनुसार, इससे पहले बिटकॉइन का रिकॉर्ड 64,889 डॉलर का था। एक दिन पहले बिटकॉइन से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड कोष (ईटीएफ) में निवेशकों ने भारी रुचि दिखाई। इससे भी क्रिप्टोकरेंसी को प्रोत्साहनब्रिटेन ने फेसबुक पर 6.94 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया

लंदन, 20 अक्टूबर (एपी) ब्रिटेन के प्रतिस्पर्धा नियामक ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर नियमों के उल्लघंन को लेकर 6.94 करोड़ डॉलर (5.05 करोड़ पाउंड) का जुर्माना लगाया है। नियामक के अनुसार यह जुर्माना फेसबुक द्वारा ऑनलाइन डेटाबेस कंपनी 'गिफी' की खरीद संबंधी जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन को लेकर लगाया गया है। ब्रिटेन के प्रतिस्पर्धा और बाजार प्राधिकरण (सीएमए) ने कहा कि फेसबुक जांच के दौरान आवश्यक जानकारी प्रदान करने में विफल रही। सोशल मीडिया कंपनी को कई चेतावनियां दी गईं, लेकिन ऐसा लगता है कि उसने जानबूझकर नियमों के अनुपालन में गलतियां कीं। प्राधिकरण ने कहानिवेशकों के सोने का आकर्षण बढ़ा है. वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेशकों ने 6,900 करोड़ रुपये डाले.इंटरनेशनल फंड के बारे में जानिए अपने हर सवाल का जवाब

वित्त वर्ष 2020-21 में घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 41 फीसदी बढ़कर 31.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचई गई.निवेशकों के सोने का आकर्षण बढ़ा है. वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेशकों ने 6,900 करोड़ रुपये डाले.लगातार अच्‍छा रिटर्न चाहते है? इस फंड में लगा सकते हैं पैसा

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भारतीय नियामकों का ऐसी करेंसी को लेकर रुख स्पष्ट नहीं है. उन्‍होंने साफ-साफ कुछ भी नहीं कहा है कि भारतीय इनमें ट्रेड करें या नहीं.

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इंदौर, 20 अक्टूबर (भाषा) खाद्य तेल बाजार में बुधवार को सोयाबीन रिफाइंड के भाव में 13 रुपये प्रति 10 किलोग्राम की वृद्धि हुई। आज पाम तेल 10 रुपये प्रति 10 किलोग्राम महंगा बिका।तिलहनसरसों (निमाड़ी) 7400 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल।तेल मूंगफली तेल इंदौर 1450 से 1470,सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 1310 से 1315,सोयाबीन साल्वेंट 1255 से 1260,पाम तेल 1285 से 1290 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।कपास्या खलीकपास्या खली इंदौर 1900,कपास्या खली देवास 1900, कपास्या खली उज्जैन 1900,कपास्या खली खंडवा 1875,कपास्या खली बुरहानपुर 1875 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी।कपास्या खली अकोला 2600 रुपये प्रति क्विंटल।

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ब्‍याज दरों में कटौती का फैसला वापस होने के बाद एक सामान्‍य धारणा बनी. वह यह थी कि चुनावों को देखते हुए यह फैसला लिया गया.

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नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर (भाषा) विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले कम से कम 52 प्रतिशत विद्यार्थी विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा के मुकाबले विशिष्ट पाठ्यक्रमों को तरजीह दे रहे हैं। एक नवीनतम अध्ययन में यह जानकारी दी गई है। वैश्विक वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी वेस्टर्न यूनियन द्वारा नीलसन आईक्यू द्वारा कराए गए अध्ययन के नतीजों के मुताबिक अब 64 प्रतिशत विद्यार्थी उन देशों और विश्वविद्यालयों को पढ़ाई के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं जहां पर प्रवेश परीक्षा या अंग्रेजी में पांरगत होने की अनिवार्यता नहीं है। अध्ययन में कहा गया, ‘‘विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों में